एसआरयू में सात दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर का समापन, छात्रों ने सीखे निरोगी जीवन के महत्वपूर्ण सूत्र…
रायपुर: श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय, रायपुर के शिक्षा संकाय में बी.एड. चतुर्थ सेमेस्टर के प्रशिक्षुओं के लिए आयोजित सात दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर का समापन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम शिक्षा संकाय एवं योग विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के योग आयोग के अध्यक्ष रूपनारायण सिन्हा विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर प्रो. शुभाशीष भट्टाचार्य ने की।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. कमल कुमार प्रधान, शिक्षा संकाय के अधिष्ठाता प्रो. अभिषेक कुमार श्रीवास्तव, योग विभागाध्यक्ष प्रो. कप्तान सिंह सहित योगीराज साहू, रवि कुंभकार, गौरव कुमार देवांगन एवं अन्य प्राध्यापकगण तथा बड़ी संख्या में प्रशिक्षु उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का स्वागत उद्बोधन प्रो. अभिषेक कुमार श्रीवास्तव ने प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है तथा भावी शिक्षकों के व्यक्तित्व निर्माण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने प्रशिक्षुओं से योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।


मुख्य अतिथि रूपनारायण सिन्हा ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन, आत्मानुशासन, नैतिक मूल्यों एवं आध्यात्मिक उन्नति का सशक्त माध्यम है। उन्होंने प्रशिक्षुओं से आह्वान किया कि वे योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाकर समाज में स्वास्थ्य एवं संस्कारयुक्त वातावरण का निर्माण करें।

प्रो-चांसलर प्रो. शुभाशीष भट्टाचार्य ने कहा कि योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मन को एकाग्र करने की क्षमता भी प्रदान करता है। एक शिक्षक के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि वह मानसिक रूप से संतुलित और एकाग्र हो।

सात दिवसीय शिविर के अंतिम दिन दो महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किए गए। प्रथम सत्र में योग आचार्य द्वारा योग मुद्राओं के प्रकार एवं उनकी उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। द्वितीय सत्र में डॉ. योग ज्योति साहू ने पेट संबंधी रोगों के निदान हेतु योग अभ्यास की उपयोगिता तथा उसके लाभों पर प्रकाश डाला।

तत्पश्चात एक अन्य विशेषज्ञ प्रशिक्षक द्वारा बच्चों को योग क्रियाओं से जोड़ने के लिए खेल-आधारित शिक्षण पद्धति का जीवंत प्रदर्शन किया गया, जिसे प्रशिक्षुओं ने बड़े उत्साह से देखा और सीखा।
संपूर्ण सात दिवसीय शिविर के दौरान प्रशिक्षुओं को विभिन्न योगासन, प्राणायाम, ध्यान, सूक्ष्म व्यायाम एवं योग के वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक आयामों से अवगत कराया गया। इससे उनका शारीरिक, मानसिक एवं व्यावसायिक विकास सुनिश्चित हो सका। प्रतिदिन सुबह और शाम के सत्रों में योगाभ्यास के साथ-साथ योग के सिद्धांतों पर भी चर्चा की गई।

समापन समारोह में योग प्रशिक्षण शिविर में सहभागिता करने वाले सभी प्रशिक्षुओं को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। प्रमाण-पत्र वितरण मुख्य अतिथि रूपनारायण सिन्हा, योगीराज साहू, रवि कुंभकार, गौरव कुमार देवांगन एवं अन्य गणमान्य अतिथियों के कर-कमलों से संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन योग विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. राधिका चंद्राकर द्वारा किया गया। उन्होंने सातों दिन कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन कुशलतापूर्वक किया।
अंत में कुलसचिव डॉ. कमल कुमार प्रधान ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों, प्राध्यापकगण एवं प्रशिक्षुओं के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय हैं और भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।

इस प्रकार सात दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर का समापन अत्यंत उत्साह, अनुशासन एवं सकारात्मक ऊर्जा के साथ संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम प्रशिक्षुओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायक पहल सिद्ध हुआ। प्रशिक्षुओं ने इस आयोजन को अपने जीवन का एक यादगार अनुभव बताया और ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने का आग्रह किया।

