विश्व रेडियो दिवस : सूचना व मनोरंजन का इकलौता साधन आख़िर 13 फ़रवरी को ही क्यों मनाया जाता है विश्व रेडियो दिवस…

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कभी चारपाई के सिरहाने, कभी टेबल और कभी दीवार पर । शास्त्रीय सुगम और लोक गीतों के सुर – साज के साथ देश विदेश की खबरों के साथ अवगत कराने वाला डिब्बा रेडियो अगली पीढ़ी के बच्चो को शायद दिखा कर बताना पड़े । क्योकि संचार का माध्यम अब हाई टेक संशाधनो ने ले लिया है ।  नब्बे के दशक में संचार का इकलौता माध्यम कहा जाने वाला रेडियो अब के समय में कही गम होता चला जा रहा है।

रेडियो दिवस को मनाने का उद्देश्य क्या है ?

इसका उद्देश्य रेडियो के योगदान के महत्व को बताना है क्योंकि डिजिटल प्रौद्योगिकियों के उदय के कारण रेडियो को कम राजस्व, तकनीकी व्यवधान और सेंसरशिप जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन यह अब तक उन लोगों के लिए एक आवश्यक उपकरण बना हुआ है, जिनके पास इंटरनेट तक पहुंच नहीं है। और अभी भी जिनके लिए संचार का माध्यम रेडियो है ।

13 फरवरी को ही विश्व रेडियो दिवस मनाने का कारण क्या है ?

बता दे कि यूनेस्को द्वारा 13 फरवरी, 2011 को एक परामर्श प्रक्रिया के आधार पर सामान्य सम्मेलन में विश्व रेडियो दिवस बनाने की सिफारिश की गई थी। इसके बाद यूनेस्को के तत्कालीन महानिदेशक ने 13 फरवरी को विश्व रेडियो दिवस के रूप में घोषित किया। साथ ही  पहली बार 13 फरवरी, 2013 को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के रूप में अपनाया गया था। तब से लेकर आज तक हर साल 13 फरवरी को विश्व रेडियो दिवस मनाया जाता है।

विश्व रेडियो दिवस का महत्व

अब रेडियो किसी काम का नहीं है, लेकिन यह आज भी कई जगहों पर संचार के लिए एक आवश्यक उपकरण है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, विश्व रेडियो दिवस का उद्देश्य रेडियो के महत्व के बारे में जनता के बीच अधिक जागरूकता बढ़ाना है। इस दिन का उद्देश्य रेडियो स्टेशनों और प्रसारकों के बीच नेटवर्किंग और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रोत्साहित करना भी है।

कैसे मनाया जाता है यह दिन?

विश्व रेडियो दिवस को मनाने के लिए हर साल संयुक्त राष्ट्र एक थीम निर्धारित करता है। उसी थीम के मुताबिक ही दुनियाभर में अलग-अलग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।  स्कूल, कॉलेज और रेडियो कार्यालय में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसके अलावा हर साल रेडियो के विकास के लिए अच्छा काम करने वाले रेडियो स्टेशनों को पुरस्कारों से सम्मानित भी किया जाता है।

इस साल की थीम

हर वर्ष विश्व रेडियो दिवस पर एक थीम निर्धारित किया जाता है और उसी के आधार पर ही कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है । और इस साल विश्व रेडियो दिवस की थीम ‘रेडियो : सूचना देने, मनोरंजन करने और शिक्षित करने की एक सदी’ है। साथ ही यह थीम रेडियो के इतिहास, समाचार, संगीत और खेल पर इसके शक्तिशाली प्रभाव पर प्रकाश डालती है। बता दें कि पहला रेडियो प्रसारण 1895 में गुग्लिल्मो मार्कोनी नामक व्यक्ति ने किया था, लेकिन रेडियो 1905-1906 के आसपास अस्तित्व में आया और 1950 के दशक तक रेडियो और इसकी प्रसारण प्रणाली दुनियाभर में एक आम वस्तु बन गई।

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